ईरान में फंसे 5 भारतीयों का मोदी को VIDEO मैसेज: बेगुनाह होने के बावजूद 400 दिन जेल में रखा; रिहा करने के बाद भी पासपोर्ट नहीं दिया, हाथ जोड़कर विनती है वतन वापसी करा दीजिए

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तेहरान/नई दिल्ली17 मिनट पहलेलेखक: अशोक व्यवहारे

ईरान में फंसे 5 भारतीयों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक वीडियो मैसेज भेजा है। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की है कि उन्हें वतन वापस लाया जाए। इन लोगों का आरोप है कि झूठे केस में फंसाकर उन्हें 400 दिन जेल में रखा गया। रिहा करने के बाद भी उनके पासपोर्ट और आइडेंटिफिकेशन डॉक्युमेंट्स वापस नहीं किए गए। ऐसे में उनकी जान को खतरा है।

मर्चेंट नेवी जॉइन करने 2019 में गए थे ईरान
मुंबई के अंकित येनपुरे (28) और एम वर्लीकर (26), पटना के प्रणव तिवारी (21), दिल्ली के नवीन सिंह और चेन्नई के तमीह सेल्वन (31) मर्चेंट नेवी जॉइन करने के लिए 2019 में ईरान गए थे। फरवरी 2020 में जब ये ओमान से जहाज में रवाना हुए तो अनजाने में समुद्री ड्रग्स रैकेट में फंस गए। इसके बाद इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बरी होने के बाद इन्हें 18 महीने पहले रिहा किया गया, पर अभी भी ये सभी वहां मुश्किल हालात में फंसे हुए हैं।

इन सभी के परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय को खत लिखा है, लेकिन अब तक कोई मदद नहीं मिल सकी है। अंकित के पिता ने कहा कि इन बच्चों के सपने तबाह हो गए, इन्हें जेल में रखा गया। उन्हें भारत में परिवारों से दूर रखा गया है।

वीडियो मैसेज में कहा- हालत जानवरों सी हो गई है
अंकित ने वीडियो मैसेज में बताया, ‘ये वीडियो हम हमारी वतन वापसी के लिए बना रहे हैं। ये वीडियो ईरान के चाबहार से बनाया जा रहा है, जहां हिंदुस्तान ने 200 मिलियन डॉलर का पोर्ट प्रोजेक्ट किया था। यहां पर हम पिछले 400 दिन से फंसे हैं। हम लोगों को एक झूठे केस में फंसाया गया था। हमारे एजेंट की वजह से हम इस झूठे केस में फंस गए। निर्दोष होने के बावजूद हम 400 दिन जेल में कैद थे। 9 मार्च 2021 को हम लोगों को रिहा कर दिया गया। हम करप्ट नहीं थे, न हमने कोई गलत काम किया। यहां पर भी अपने हिंदुस्तान का नाम बरकरार रखा।’

ईरानी अधिकारियों ने भारतीय दूतावास को जानकारी नहीं दी
अंकित ने प्रधानमंत्री से कहा है, ‘रिहा करने के बाद भी ईरानी अधिकारियों ने हमें पासपोर्ट नहीं दिए और न ही कोई आइडेंटिफिकेशन डॉक्युमेंट दिए। हम लोगों की हालत जानवरों की तरह हो गई है। हम गलियों की ठोकर खा रहे हैं। हमारे पास पैसे भी नहीं हैं। कम्युनिकेशन के लिए हमने लोगों से मदद मांगी, तब जाकर मिली। हम सबकी जान को खतरा है। हमारे साथ कुछ भी हो सकता है।’

‘हमें रिहा करने के बाद ईरानी अधिकारियों ने भारतीय दूतावास को न तो कोई दस्तावेज दिए और न ही कोई सूचना दी। दस्तावेज नहीं हैं तो हम पैसा जमा करने के लिए कोई काम भी नहीं कर सकते। इंडियन एजेंट हम जैसे बच्चों को फंसाकर ईरान भेज देते हैं। आपसे विनती है कि इनके खिलाफ भी सख्त एक्शन लिया जाए।’

हालत खराब है, प्लीज वतन वापसी करा दीजिए
इस वीडियो मैसेज में भारतीयों ने हाथ जोड़कर अपील की है कि उनकी वतन वापसी कराई जाए। इन्होंने कहा- हमारी हालत यहां बहुत खराब है। और ये दिन-ब-दिन और खराब होती जा रही है। मोदी जी प्लीज आप ईरान सरकार से संपर्क करके या तेहरान स्थित इंडियन एंबेसी को बोलकर हमारी वतन वापसी करवा दीजिए। हम आपसे हाथ जोड़कर विनती करते हैं कि वतन वापसी करवा दीजिए। जय हिंद, धन्यवाद।



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