किसान आंदोलन के बयान पर घिरे पंजाब के कैप्टन: पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत बोलीं : मोदी के सामने घुटने टेक उनकी बोली बोल रहे कैप्टन; हरियाणा के मंत्री विज का फिर हमला : आंदोलन खड़ा करने में अमरिंदर का हाथ

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  • Punjab’s Captain,surrounded By The Statement Of The Farmers’ Movement, Former Union Minister Harsimrat, Said: The Captain Speaking His Bid, Kneeling In Front Of Modi; Haryana Minister Vij Attacked Again: Amarinder Kept The Movement Alive

जालंधर4 मिनट पहले

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पंजाब में किसान आंदोलन न करने के बयान पर CM कैप्टन अमरिंदर सिंह घिर गए हैं। कैप्टन ने किसानों को कहा था कि वो अपने राज्य के बजाय हरियाणा व दिल्ली जाकर जो मर्जी करें। इसको लेकर अब पंजाब से लेकर हरियाणा तक के विपक्षी दल उन्हें घेरने में जुटे हुए हैं। एक तरफ पंजाब में पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि कैप्टन का यह घटिया बयान है। कैप्टन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगे घुटने टेक दिए हैं, जिसके बाद वह उनकी बोली बोल रहे हैं। वहीं, हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने फिर हमला बोला कि किसान आंदोलन को खड़ा करने व अब तक जिंदा रखने के पीछे कैप्टन अमरिंदर सिंह का हाथ है।

लोगों की खून-पसीने की कमाई से फार्म हाउस के खर्चे पूरे हो रहे : हरसिमरत

हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि कैप्टन ने किसानों पर पंजाब की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा दिया। अपने ही राज्य के मुख्यमंत्री ने अपने किसानों को कह दिया कि पंजाब छोड़ दिल्ली चले जाओ। हरसिमरत ने इसे घटिया बयान करार दिया। 13 महीने से किसान आंधी-तूफान व सर्दी-गर्मी के बीच दिल्ली बॉर्डर पर बैठे हैं। न कैप्टन किसानों के साथ जाकर बैठे और न ही केंद्र पर दबाव डालने गए। अर्थव्यवस्था को ठीक करना CM की जिम्मेदारी है। किसान तो 13 महीने से आंदोलन कर रहे लेकिन कैप्टन पौने 5 साल से मुख्यमंत्री हैं। वह फार्म हाउस में बैठकर सरकार चला रहे हैं। लोगों की खून पसीने की कमाई पर लगाए टैक्स कैप्टन, उनके विधायकों व फार्म हाउसों के खर्चे पूरे हो रहे हैं।

कैप्टन अमरिंदर सिंह व अनिल विज मंगलवार को भी आमने-सामने हुए थे।

कैप्टन अमरिंदर सिंह व अनिल विज मंगलवार को भी आमने-सामने हुए थे।

कैप्टन का हरियाणा व दिल्ली में गड़बड़ी की बात कहना गलत : अनिल विज

कैप्टन जो बात कह रहे हैं वो लोकतांत्रिक तौर पर बने मुख्यमंत्री को नहीं कहनी चाहिए। कैप्टन किसानों को कह रहे हैं कि आपने जो गड़बड़ी करनी है वो हरियाणा व दिल्ली में करो। एक मुख्यमंत्री का यह कहना बहुत गलत है कि मेरे यहां कुछ मत करो और दिल्ली व गुड़गांव में करो। इससे यह चीज सिद्ध होती है कि किसान आंदोलन के खड़े होने के पीछे अमरिंदर का हाथ है। उन्होंने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरा करने के लिए इस आंदोलन को जिंदा रखा है।

कैप्टन ने संबोधन के दौरान यह बातें भी कहीं थी।

कैप्टन ने संबोधन के दौरान यह बातें भी कहीं थी।

कैप्टन ने कहा था, 113 पर पंजाब में किसानों के धरने, नौकरी, रेवेन्यू व इंवेस्टमेंट गंवा देंगे

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पहले होशियारपुर में कहा कि किसान पंजाब में आंदोलन न करें। पंजाब में 113 जगहों पर किसानों के धरने लगे हैं, इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है। किसान पंजाब की डेवलपमेंट के बारे में भी सोचें। हालांकि उनके बयान पर सियासी तूफान उठा तो कैप्टन ने मंगलवार को फिर सफाई देते हुए कहा कि आंदोलन से पंजाब की अनाज खरीद व भंडारण बुरी तरह से प्रभावित हुई है। अगर पंजाब में आंदोलन जारी रहा तो हम नौकरियां, इंवेस्टमेंट व रेवेन्यू भी गवां देंगे। कैप्टन ने इसे सियासत से जोड़ने की विरोधी दलों की तीखी आलोचना भी की।

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