गांधी जयंती पर गोडसे-आप्टे की मूर्ति!: हिंदू महासभा 11 शहरों में लगाएगी प्रतिमा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बोले- मुसलमान ओम के झंडे के नीचे पढ़ें नमाज

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मेरठएक घंटा पहले

अखिल भारतीय हिंदू महासभा देश के 11 शहरों में नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे की मूर्तियां स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इस कदम की शुरुआत होगी गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर को मेरठ व ग्वालियर से। इन दोनों शहरों में नारायण आप्टे की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह जानकारी हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक शर्मा ने दी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘हमारी मुसलमानों से दुश्मनी नहीं, हम धर्म सापेक्ष राष्ट्र चाहते हैं। वे भी इस देश में रहें। 5 की बजाय 21 बार नमाज पढ़ें। मगर पढ़ोगे…ऊं के झंडे के नीचे ही। यहां चांद-तारे के नीचे नमाज नहीं चलेगी।’ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 से ठीक पहले महासभा का प्रतिभा स्थापित करने का ऐलान बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है।

मेरठ के लिए राजस्थान से आएगी मूर्ति
हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक शर्मा ने बताया, ‘मेरठ जिले से हम मूर्ति लगाने की शुरुआत कर चुके हैं, यह क्रम चलता ही रहेगा। मेरठ के बाद ग्वालियर में भी गोडसे और आप्टे की मूर्ति लगेगी। नारायण आप्टे की जो मूर्ति ग्वालियर में बनकर तैयार हुई है, वो ग्वालियर में हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशन में स्थापित होगी। मेरठ के लिए राजस्थान में आप्टे जी की मूर्ति बनकर तैयार हो चुकी हैं। देश के 11 शहरों में हम मूर्ति लगाने जा रहे हैं। 2 शहरों के नाम आपके सामने हैं, बाकी 9 शहर भी जल्द ही बताएंगे।’

पंडित अशोक शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय हिंदू महासभा।

देश का युवा गोडसे, आप्टे को जानना चाहता है
उन्होंने कहा, ’70 सालों से गोडसे का सच दबाया जा रहा है। मेरठ की भूमि को 2014 में यह श्रेय मिला कि गोडसे का नाम और सोच बाहर आई। मेरठ के शारदा रोड स्थित कार्यालय पर नाथूराम गोडसे की मूर्ति 6 साल पहले स्थापित हो चुकी है। अब आप्टे जी की मूर्ति लगवाई जा रही है। उनके फॉलोअर्स बढ़े हैं। लोगों के कई फोन आते हैं। वे हमसे गोडसे और आप्टे के बारे में जानना चाहते हैं।’

गांधी उनके तो गोडसे हमारे प्रेरणा स्रोत-शर्मा
अशोक शर्मा बताते हैं कि नाथूराम गोडसे और नारायण आप्टे हमारे प्रेरणा स्रोत हैं। भारत में उन्हें नहीं माना जाता, यह कहना गलत होगा। इस देश में जो महात्मा गांधी को मानते हैं, वो गांधी की मूर्ति लगाएं। गोडसे और आप्टे को हम गलत नहीं मानते, इसलिए हम उनकी पूजा करते हैं। पूरा देश गोडसे और आप्टे को महात्मा गांधी की हत्या का दोषी मानता है, जबकि ऐसा नहीं है। सोशल मीडिया पर बड़ा वर्ग है, जो गोडसे और नारायण आप्टे का समर्थन करते हैं।

हिंदू महासभा के कार्यालय में नाथूराम गोडसे व नारायण आप्टे के संदेशों के बैनर।

हिंदू महासभा के कार्यालय में नाथूराम गोडसे व नारायण आप्टे के संदेशों के बैनर।

मूर्ति लगाना एक विचारधारा है, चुनाव से ताल्लुक नहीं, 2022 में अकेले चुनाव लड़ेंगे
उन्होंने बताया कि 2014 लोकसभा चुनाव से पहले हमने मेरठ में गोडसे की मूर्ति स्थापित कराई। अब 2022 के चुनाव से पहले नारायण आप्टे की मूर्ति लगवा रहे हैं। इसका चुनाव से कोई लेना-देना नहीं। पिछले 2 साल से आप्टे की मूर्ति लगाने की योजना थी। जब संसाधन उपलब्ध हुए, मूर्ति लगवा रहे हैं। चुनाव में हम किसका नुकसान करेंगे, हमारे लिए जैसी भाजपा…वैसी ही कांग्रेस। 2022 का चुनाव हिंदू महासभा खुद लड़ेगी। जो कट्‌टर हिंदू होगा, वो हमें वोट देगा। भले 2500 वोट मिले, मगर अकेले चुनाव लड़ेंगे।

हमारी मुसलमानों से दुश्मनी नहीं, हम धर्म सापेक्ष राष्ट्र चाहते हैं
हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक शर्मा कहते हैं कि हिंदू महासभा कट्टर हिंदुत्व को मानती है…जो सच है। मगर हमारी मुसलमानों से कोई दुश्मनी नहीं है। वे भी इस देश में रहें। 5 की बजाय 21 बार नमाज पढ़ें। मगर पढ़ोगे…ऊं के झंडे के नीचे ही। यहां चांद-तारे के नीचे नमाज नहीं चलेगी। भारत में मुसलमानों को रहना है तो हिंदुओं के अनुसार रहना होगा। उनके नियम, कानून मानने होंगे। भारतीय संविधान धर्मनिरपेक्ष भारत कहता है हमारी मांग धर्म सापेक्ष की है। यह देश हिंदुओं का है और उनका रहेगा। सेक्यूलरिज्म केवल हिंदुओं के लिए ही क्यों है? हिंदू मुस्लिम भाई-भाई कहने वाले देश के दुश्मन हैं। उन्होंने ही 1947 में भारत का बंटवारा कराया।

ग्वालियर में प्रशासन से छिपकर तैयार की गई नारायण आप्टे की मूर्ति।

ग्वालियर में प्रशासन से छिपकर तैयार की गई नारायण आप्टे की मूर्ति।

2014 से महासभा के कार्यालय पर पुलिस का पहरा
शर्मा ने बताया कि मेरठ में शारदा रोड पर हमारा कार्यालय है। यहीं ठाकुर जी का मंदिर है, नाथूराम गोडसे जी की मूर्ति लगी है। यहीं हम आप्टे जी की मूर्ति लगाएंग, लेकिन 2014 में गोडसे की मूर्ति लगने के बाद, यहां पुलिस का पहरा लगा दिया। रोजाना सिपाही आकर यहां पहरा देते हैं। कोई संवेदनशील मुद्दा हो तो हमें नजरबंद कर दिया जाता है। राम जन्मभूमि पर फैसला आया तो हमें नजरबंद कर दिया। सरकार हमारी सोच को नजरबंद तो नहीं कर सकती। हमारी विचारधारा में हमेशा महात्मा गांधी देश को बांटने वाले रहेंगे।



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