तालिबान-पाकिस्तान की आंतकी जुगलबंदी: अफगानिस्तान पहुंचे 10 हजार पाकिस्तानी लड़ाके; ISI ने ऑर्डर दिया- भारत के 3 अरब डॉलर से बने इन्फ्रास्ट्रक्चर को तबाह करो

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नई दिल्ली6 मिनट पहले

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पाकिस्तान की मदद लेकर हक्कानी आतंकी समूह कई सालों से अफगानिस्तान में भारत के खिलाफ काम कर रहा है।

तालिबान ने अफगानिस्तान में जो कहर बरपा रखा है, उसमें अब पाकिस्तान भी उसका साथ देगा। 10 हजार से ज्यादा पाकिस्तानी लड़ाके हाल ही में अफगानिस्तान के वॉर-जोन पहुंचे हैं। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) ने इन लड़ाकों को आदेश दिए हैं कि वे अफगानिस्तान में भारत की मदद से तैयार हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर को तबाह करें।

दो दशकों में भारत ने अफगानिस्तान में 3 अरब डॉलर से भी ज्यादा का निवेश किया है। इस निवेश से यहां कई निर्माण कार्य किए गए हैं। इनमें 2015 में बनकर तैयार हुई अफगान पार्लियामेंट बिल्डिंग और डेलारम-जरांज सलमा डैम के बीच 218 किमी लंबी रोड भी शामिल है।

भारत ने यहां कई सेक्टर्स में निवेश किया है। हाल ही में भारत ने काबुल में पीने का मुहैया कराने के लिए शहतूत बांध के साथ अन्य कई योजनाओं के लिए 35 लाख डॉलर के निवेश का ऐलान किया था। भारत ने अफगानिस्तान के शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा योगदान दिया है।

अफगानिस्तान में भारतीय मदद के नामोनिशान मिटाने के आदेश
खबरों के मुताबिक, पाकिस्तानी आतंकियों को खास निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें अफगानिस्तान में भारत की साख मिटानी है। भारत ने इतने सालों में यहां जो मदद पहुंचाई है, उसे पूरी तरह खत्म करना है। हालांकि, यह पहली बार नहीं है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में भारत की संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहा हो। कई सालों से पाकिस्तान की मदद लेकर हक्कानी आतंकी समूह अफगानिस्तान में भारत के खिलाफ काम कर रहा है।

भारतीय अधिकारियों ने अफगानिस्तान छोड़ा
कुछ दिन पहले ही अफगानिस्तान में तालिबानी कब्जे के बीच करीब 52 राजनयिक और अधिकारियों ने अफगानिस्तान छोड़ दिया है। अफगानिस्तान में अभी मौजूद भारतीय अधिकारी तय नहीं कर पा रहे हैं कि उन्हें वहां रुकना चाहिए या नहीं, क्योंकि तालिबान की तरफ से उन्हें किसी तरह का भरोसा नहीं दिलाया गया है कि उन पर हमला नहीं किया जाएगा।

भारतीय एजेंसियां काबुल में एयरपोर्ट पर नजर बनाए हुए हैं, जिसकी सुरक्षा ज्यादा दिनों तक अमेरिकी सेना के हाथ में नहीं रहेगी। यहां के सिविल कामों में जुटे भारतीय लोगाें को पहले ही अफगानिस्तान छोड़कर जाने को कह दिया गया है।

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