पहले गुजरात, अब केंद्र: टेपिंग विवाद मोदी-शाह के लिए नया नहीं, 15 साल पहले भी गुजरात के नेताओं और अधिकारियों के फोन टेप के लगे थे आरोप

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अहमदाबाद27 मिनट पहले

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दुनियाभर के 17 मीडिया संस्थानों की कंसोर्टियम ने दावा किया है कि दुनियाभर में सरकारें पत्रकारों और एक्टिविस्टों की जासूसी करा रही है। रविवार को पब्लिश हुई रिपोर्ट के मुताबिक भारत समेत कई देशों में सरकारों ने करीब 180 पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और एक्टिविस्ट्स की जासूसी की।

इसके लिए इजराइली कंपनी NSO ग्रुप के हैकिंग साॅफ्टवेयर पेगासस का इस्तेमाल किया गया। इस रिपोर्ट में भारत में कम से कम 38 लोगों की जासूसी का दावा किया गया है। इसी के चलते केंद्र सरकार विपक्ष के निशाने पर है। बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री और अमित शाह राज्य के गृहमंत्री थे, तब भी इन पर कई बार गुजरात में नेताओं और अधिकारियों की फोन टेपिंग के आरोप लगे थे।

वर्तमान में गुजरात भाजपा के महासचिव और उस समय (2005) के मोदी विरोधी गोरधन झडफिया के अलावा, कांग्रेसी नेता अर्जुन मोढवाडिया, शक्तिसिंह गोहिल और शंकरसिंह वाघेला ने भी फोन टेपिंग मामले में मोदी और अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी 2016 में महिला आयोग से गुजराती महिला की जासूसी मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ जांच की मांग की थी।

वर्तमान में गुजरात भाजपा के महासचिव और उस समय (2005) के मोदी विरोधी गोरधन झडफिया की फाइल फोटो।

वर्तमान में गुजरात भाजपा के महासचिव और उस समय (2005) के मोदी विरोधी गोरधन झडफिया की फाइल फोटो।

गोरधन झडफिया ने 2005 में टेपिंग का आरोप लगाया
गोरधन झडफिया ने आरोप लगाया था कि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उनका फोन टेप करवाया था। यह बात तब की है जब, 2005 में नरेंद्र मोदी कैबिनेट के विस्तार के लिए कैबिनेट की बैठक हो रही थी। इसी दौरान गोरधन झडफिया ने मंत्रालय का पद स्वीकार करने से इनकार करते हुए कह दिया था कि नरेंद्र मोदी मेरे खिलाफ साजिश कर रहे हैं और मेरे फोन टेप करवा रहे हैं।

कांग्रेसी नेता शक्तिसिंह गोहिल की फाइल फोटो।

कांग्रेसी नेता शक्तिसिंह गोहिल की फाइल फोटो।

दिवंगत हरेन पांड्या का फोन टेप करवाया गया था: गोहिल
दूसरा मामला 2011 का है, जब कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल ने आरोप लगाया था कि मोदी और अमित शाह ने हरेन पंड्या सहित कई नेताओं के फोन टेप करवाए थे। हालांकि, तत्कालीन भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय रूपाणी (अब गुजरात के मुख्यमंत्री) ने गोहिल को इसका सबूत देने की चुनौती दी थी। रूपाणी का यह भी कहना था कि केंद्र सरकार के पास फोन टेप करने का अधिकार है और अगर गुजरात सरकार फोन टेप करवा रही है तो केंद्र की कांग्रेस सरकार इसका खुलासा क्यों नहीं करती?

फाइल फोटो।

फाइल फोटो।

कोबरा पोस्ट में 2013 में एक युवती का फोन टेप करने का आरोप लगा
इसके अलावा 2013 में ही नरेंद्र मोदी के शासन के दौरान न्यूज पोर्टल कोबरा पोस्ट और गुलेल ने गुजरात के पूर्व गृह मंत्री अमित शाह और अहमदाबाद में एटीएस के एसपी जीएल सिंघल के बीच हुई बातचीत का ऑडियो पेश किया था। इसमें आरोप लगा था कि अमित शाह ने सिंघल को एक आर्किटेक्चर लड़की की एक-एक मिनट की जानकारी देने का आदेश दिया था। इसे लेकर देश भर में बवाल मचा था और कांग्रेस द्वारा इसके खिलाफ जांच की मांग भी की गई थी।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की फाइल फोटो।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की फाइल फोटो।

अरविंद केजरीवाल ने महिला आयोग को लिखा था पत्र
इतना ही नहीं, 2016 में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) को एक पत्र लिखकर गुजरात महिला जासूसी मामले की जांच की मांग की थी। राष्ट्रीय महिला आयोग के अध्यक्ष को लिखे अपने पत्र में केजरीवाल ने कहा था, ‘मैं इससे जुड़े दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी संलग्न कर रहा हूं कि कैसे मोदी और शाह ने एक युवती की जासूसी की। इसलिए मैं आपसे एक जांच शुरू करने और उनके खिलाफ हर संभव कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं।’

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