फॉरेन शूटिंग में फंसा पेंच: सिर्फ 16 देशों में कोवीशील्ड अप्रूव्ड, ज्यादातर देशों में फिलहाल ट्रैवल बैन, कई फिल्मों की शूटिंग अटकी

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मुंबई3 मिनट पहलेलेखक: मनीषा भल्ला

  • सिर्फ कंगना की फिल्म ‘धाकड़’ की विदेश में शूटिंग चल रही है, वो भी स्पेशल परमिशन से

बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग देश में शुरू हो चुकी है, लेकिन विदेशी लोकेशंस पर शूटिंग को लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं है। बहुत से देश में कोरोना वैक्सीन कोवीशील्ड को ट्रैवल अप्रूवल नहीं मिला है। कई देशों में ट्रैवल बैन के चलते भी फिल्मों की शूटिंग अटकी पड़ी है। अगर ये परिस्थितियां जल्द ही ठीक नहीं हुईं तो कई फिल्मों की फॉरेन शूटिंग में देरी होगी या फिर लोकेशन और स्क्रिप्ट में बदलाव करने पड़ेंगे।

यूरोप फेवरेट, लेकिन सिर्फ 16 देशों में कोवीशील्ड अप्रूव्ड

फॉरेन शूटिंग के लिए यूरोप के डेस्टिनेशन सबसे ज्यादा पसंद किए जाते हैं, लेकिन हाल यह है कि आधे से ज्यादा यूरोप में यात्रा के लिए कोवीशील्ड वैक्सीन को अप्रूवल नहीं मिला है। अभी फ्रांस ने इसको अप्रूवल दिया है। इसके बाद भी यूरोपियन संघ से कोवीशील्ड को अप्रूवल देने वाले देशों की संख्या सिर्फ 16 ही है।

दरअसल यूरोपीय संघ ने विदेशी यात्रियों के लिए ग्रीन पास नाम से डिजिटल कोविड वैक्सीन सर्टिफिकेट प्रोग्राम तैयार किया है। यह सर्टिफिकेट बताता है कि यात्री ने कौन सी वैक्सीन ली है। उनके कोविड टेस्ट का रिजल्ट क्या है और वह यात्री कोविड से स्वस्थ हो चुका है या नहीं।

यह ग्रीन पास देने के लिए अब तक फाइजर, मॉडर्ना, एस्ट्राजेनेका और जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन को ही अप्रूव किया गया है। यूरोप की एस्ट्राजेनेका का ही भारतीय रूप कोवीशील्ड है। फिर भी अभी तक यूरोप के ज्यादातर देशों ने इसे अप्रूवल नहीं दिया है।

ट्रैवल बैन और फ्लाइट की अनिश्चितता

ज्यादातर देशों में अभी भी भारत से यात्रियों का प्रवेश वर्जित है। भारतीयों को कुछ कैटेगरी में ही प्रवेश मिल रहा है। अमेरिका जैसे कुछ देशों ने अपनी यूनिवर्सिटी में एडमिशन ले चुके भारतीय विद्यार्थियों के लिए प्रवेश को मान्य कर दिया है, लेकिन फिल्म शूटिंग के लिए यात्रा नहीं हो सकती। भारत से कॉमर्शियल अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी सीमित हैं।

कंगना की ‘धाकड़’ की राह चल सकती है फिल्में

इस माहौल में भी कंगना रनोट की ‘धाकड़’ फिल्म की शूटिंग हंगरी में हुई है। फिल्म के लाइन प्रोड्यूसर ज़ैद अली ने दैनिक भास्कर को बताया कि हंगरी के कुछ खास नियम हैं। इनका सही तरीके से पालन किया गया। पूरी टीम का आरटी-पीसीआर टेस्ट हुआ। इसके बाद वहां शूटिंग संभव हो पाई।

हर देश की अपनी नीति

विदेश में शूटिंग के लिए जाने-माने लाइन प्रोडक्शन कंसल्टेंट पंवार प्रोडक्शंस के दिलीप पंवार ने दैनिक भास्कर को बताया कि हर देश की अपनी-अपनी पॉलिसी है। कुछ देशों में वैक्सीन सर्टिफिकेट चाहिए, कुछ में सिर्फ आरटी-पीसीआर टेस्ट से काम चल जाता है। कहीं पर क्वारैंटाइन और दूसरे नियम फॉलो करना अनिवार्य है।

दिलीप पंवार ने बताया कि ऐसा नहीं कि विदेश जाना बिल्कुल संभव नहीं है। हंगरी में वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट का रिक्वायरमेंट नहीं है। बिजनेस के लिए जाना है तो डबल डोज की भी जरूरत नहीं है। ‘धाकड़’ के लिए मुंबई से 70-80 लोग वहां जा चुके हैं। मैं खुद अपनी टीम के साथ वहां रुका था।

कहीं पर सिर्फ होटल से शूटिंग स्पॉट तक की परमिशन

पंवार ने बताया- इससे पहले मैं अप्रैल में एक गाने की शूट के सिलसिले में यूरोप के आठ देशों में गया था। अगले महीने फिर नीदरलैंड जा रहा हूं। ऑस्ट्रिया, स्वीडन, पोलैंड के वीजा का कोई इश्यू नहीं है। बस वहां की लोकल यूनिट के साथ अच्छा कोऑर्डिनेशन होना चाहिए।

कुछ देश में शूटिंग के लिए खास परमिशन लेनी होती है। ऐसे में होटल से शूटिंग स्पॉट और शूटिंग स्पॉट से होटल के अलावा कहीं नहीं जा सकते।

कुछ देश ऐसे हैं जहां पर टूरिस्ट के लिए वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जरूरी है। बिज़नेस के लिए जा रहे हैं तो सिर्फ क्वारैंटाइन करना जरूरी है। आइसलैंड जैसे देश में अगर डबल डोज नहीं लिए हैं तो पांच दिन का क्वारैंटाइन और उसके बाद फिर से टेस्ट जरूरी है। यह निगेटिव आ गया तो बाद में पूरा देश घूम सकते हैं।

हर रोज चेंज होता रहता है स्टेटस

पंवार बताते हैं कि कुछ देशों में एंट्री तो हो जाती है, लेकिन शूटिंग के लिए कुछ निश्चित लोकेशंस पर परमिशन चेक होती है। ये सारी चीजें हर रोज अपडेट होती हैं। मैं अपनी ओर से यूरोप के अलावा कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मोरक्को, तुर्की, कनाडा की एजेंसी से संपर्क में रहता हूं। जिससे अगर आज कोई फिल्म की रिक्वायरमेंट लेकर आए, तो मैं उन्हें अपडेट बता सकूं।

फ्लाइट सिलेक्शन भी समस्या

दिलीप पंवार बताते हैं कि फ्लाइट सिलेक्शन में सावधानी बरतनी भी जरूरी है। जैसे लुफ्थांसा एयरलाइंस अभी शेन्जेन वीजा में सी कैटेगरी वालों को टिकट नहीं देती। सी कैटगरी मतलब बिजनेस के लिए, जिसमें फिल्म शूटिंग भी शामिल है। मगर, जॉब या स्टूडेंट वीजा वाले को टिकट मिलता है। ऐसे में हम केएलएम या दूसरी एयरलाइंस से ट्राई करते हैं।

सिंगल विंडो सिस्टम चाहिए

पंवार बताते हैं किस देश में एंट्री हो सकती है, कहां नहीं। उस देश में भी कहां शूटिंग पॉसिबल है, कहां नहीं। हेल्थ मिनिस्ट्री के क्या नियम हैं, होम मिनिस्ट्री के क्या रूल्स हैं? यह सब हर वक्त हर प्रोजेक्ट और देश के हिसाब से चेक करना होता है।

इस सबके बीच, कम से कम हमारी वैक्सीन कहां अप्रूव्ड है, कहां नहीं, इसकी सूचना अगर एक ही जगह से मिल जाए तो बहुत है।

चार-पांच महीने की प्लानिंग, एक दिन में निरस्त

फॉरेन में एक फिल्म शूट करनी हो तो चार-पांच महीने की एडवांस प्लानिंग चाहिए। एक गाने की सीक्वेंस के लिए भी प्लानिंग में डेढ़ महीना लगता है। पंवार बताते हैं कि उन्होंने 25 मार्च को आइसलैंड में एक सॉन्ग शूट प्लान किया था। सारी परमिशन मिल चुकी थी, लेकिन वहां यूके स्ट्रेन की वजह से 24 मार्च को लॉकडाउन लग गया और सारी मेहनत बेकार हो गई।

शूटिंग कैंसिल या बदलाव

प्रोड्यूसर गिल्ड ऑफ इंडिया के सीईओ नितिन तेज आहूजा ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में माना कि शूटिंग के दिन किस देश में क्या स्थिति रहेगी, यह नहीं कह सकते। उस वक्त की स्थिति के आधार पर तय होगा कि शूटिंग हो पाएगी या नहीं। अगर वैक्सीन या दूसरा मसला है तो शूटिंग कैंसिल करनी होगी या स्क्रिप्ट और लोकेशन में बदलाव करने होंगे।

कहीं पर एम्बेसी एक्टिव नहीं

यूरोप की एस्ट्राजेनेका ही भारत की कोवीशील्ड है। कुछ देशों में हमारी एम्बेसी वहां की सरकार से कोऑर्डिनेट नहीं करती। जैसे इटली में काफी दिक्कत है। कुवैत का मामला अब तक अनसुलझा था।

अक्टूबर तक हालात सुधरने की उम्मीद

सन डायल एंटरटेनमेंट के चीफ क्रिएटिव ऑफिसर और फिल्म लेखक पंकज दुबे ने बताया कि उनकी फिल्म की शूटिंग अक्टूबर में लंदन में तय है। उम्मीद है कि तब तक कोवैक्सिन को भी अप्रूवल मिल चुकी होगी।



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