बदलने लगा कड़े फरमान सुनाने वाली खाप पंचायतों का रवैया: जींद में कंडेला खाप के चबूतरे पर अंग्रेजी विषय की क्विज, लेखन समेत कई प्रतियोगिताएं करवाई, 12 में से 10 इनाम लड़कियों ने जीते

0
10


रोहतक3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

कंडेला खाप के चबूतरे पर आयोजित प्रतियोगिता क दौरान उपस्थित छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीण।

हरियाणा की खापलैंड जींद में पहली बार किसी खाप पंचायत ने शिक्षा प्रतियोगिता आयोजित करवाई है। इसमें कुल 12 में से 10 इनाम पर छात्राओं ने बाजी मारी है, जिन्हें खाप नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों और परिजनों की मौजूदगी में सम्मानित किया है। इस तरह के साहसिक कदम से हरियाणा में नई पहल की शुरुआत हुई है।

कंडेला खाप ने बुधवार को 10वीं और 12वीं कक्षा के अंग्रेजी विषय की क्विज, लेखन और अन्य प्रतियोगिता का आयोजन करवाया। खाप के अंतर्गत आने वाले कई गांवों के बच्चों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया। सबसे बड़ी बात इस प्रतियोगिता की यह रही की कुल 12 इनाम में से 10 इनाम पर छात्राओं ने बाजी मारी है। खाप नेताओं ने SDM राजेश कौथ, जिला शिक्षा अधिकारी और परिजनों की मौजूदगी में छात्राओं को खाप के चबूतरे पर सम्मानित किया है। प्रतियोगिता में पहला इनाम 1500 रुपए और स्मृति पत्र, दूसरा 1100 रुपए और तीसरा इनाम 1000 रुपए दिया गया है।

कंडेला खाप के चबूतरे पर आयोजित प्रतियोगिता क दौरान मौजूद छात्र-छात्राएं और ग्रामीण।

कंडेला खाप के चबूतरे पर आयोजित प्रतियोगिता क दौरान मौजूद छात्र-छात्राएं और ग्रामीण।

लॉकडाउन में दो साल से पढ़ाई का हुआ बड़ा नुकसान
खाप प्रधान ओम प्रकाश कंडेला का कहना है कि लॉकडाउन के कारण पिछले करीब दो साल से बच्चों को पढ़ाई में नुकसान हुआ है। इसीलिए बच्चों के विकास के लिए यह कदम उठाया गया है।उन्होंने कहा कि अब शिक्षा और स्पोर्ट्स पर खापों का फोकस रहेगा। इस तरह के कार्यक्रम आगे भी होंगे। खाप के प्रवक्ता जगत सिंह रेढू ने कहा कि इस मैसेज को प्रदेशभर में प्रचारित किया जाएगा। ताकि और लोग भी इस तरह के कार्यक्रम से प्रेरणा ले सकें। खाप अब समाजिक बदलाव के लिए काम करेगी। शिक्षा और खेल प्रतियोगिता पर अब अपना ध्यान केंद्रित करेगी। महासचिव राज सिंह कंडेला ने कहा कि जो काम सरकार को करना चाहिए था वो काम अब पंचायत को करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि अब खाप सिर्फ आंदोलन के लिए नही बल्कि यहां से बड़े सरकारी अधिकारियों को तैयार करने के लिए भी जानी जाएगी। खाप के लोगों में कसक थी कि यहां से बड़े अधिकारी क्यों नहीं बन रहे है इसलिए अब बच्चों को इस तरह से तैयार किया जाएगा ताकि यहां के बच्चों को भी बड़े पदों पर स्थान मिल सके।

चीफ गेस्ट ने भी की तारीफ
समारोह के मुख्यातिथि उचाना कलां के SDM राजेश कौथ ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम में शिरकत करके उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। खाप पंचायतें इस तरह के आयोजन करने के लिए आगे आई है। उन्होंने बच्चों को तीन डी का फॉर्मूला दिया जैसे डायरी यानी बच्चों को डायरी लिखने की आदत डालनी चाहिए। जिससे उनके जीवन मे कोई अच्छी या अनुभव वाली घटना या बदलाव लाने वाली कोई बात हो उसको नोट करके रखना चाहिए। दूसरा डिसिप्लिन यानी अनुशासन क्योंकि इनके बिना जीवन मे कोई काम संभव नही। जिस प्रकार सूर्य के अस्त और उदय होने का समय तय है, उसी प्रकार बच्चों को अपना टाइम टेबल तय रखना चाहिए। तीसरा डी है डिग्निटी ऑफ लेबर यानी किसी काम को छोटा या बड़ा नहीं समझना चाहिए क्योंकि हर काम एक अहमियत होती है। काम चाहे कोई हो सबका सम्मान होना चाहिए।

खबरें और भी हैं…



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here