भास्कर इंटरव्यू: गोविंदा अपनी मां के हर जन्मदिन पर उनके पैर धोकर पीते थे, यह तो मैंने अपनी आंख से देखा है- सुनीता आहूजा

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10 घंटे पहलेलेखक: उमेश कुमार उपाध्याय

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गोविंदा अपनी दूसरी पारी खेलना चाहते हैं, पर अच्छे सब्जेक्ट के इंतजार में हैं। गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा से दैनिक भास्कर की खास बातचीत हुई, तब उन्होंने गोविंदा से अपने अफेयर से लेकर शादी-बच्चे, दोबारा शादी करने की वजह, तंत्र-मंत्र की अफवाहें, बॉलीवुड में ग्रुपिज्म, बर्थडे, अनमोल तोहफे, वर्तमान दिनचर्या सहित तमाम बातों पर प्रकाश डाला।

  • गोविंदा से आपकी पहली मुलाकात कब, कहां और कैसे हुई और बात शादी तक कैसे पहुंची?

मेरी बड़ी बहन की शादी गोविंदा के मामा से हुई है। ये वहां पर स्ट्रगल करने के लिए आए थे। दो-तीन साल वहीं रुके थे। वहीं पर हमारी मुलाकात हुई। यहीं से हमारा अफेयर शुरू हुआ। इसी दौरान मेरे जीजाजी ने हमारा लेटर पढ़ लिया। उन्होंने बोला कि तुम दोनों शादी कर लो। उन्होंने यह बात मेरी सास को भी बता दिया, तब उन्होंने कहा कि ठीक है, शादी करवा देते हैं। इस तरह तीन साल अफेयर रहने के बाद हमारी शादी 1987 में हो गई और 1988 में बेटी पैदा हुई।

  • अच्छा, कई सालों तक शादी को छिपाए रखा? उस दौरान की मन:स्थिति क्या रही?

हां, उस जमाने में ऐसा होता था कि अगर स्टार ने बता दिया कि शादी कर लिया है, तब लड़िकयों की फैन फालोइंग कम हो जाती थी। इसलिए जब तक बिटिया पैदा नहीं हुई, तब तक हमने जाहिर नहीं किया कि गोविंदा ने शादी कर ली है। उस दौरान ये बहुत बिजी भी रहते थे। सुबह से रात तक पांच-पांच शिफ्ट शूट करते थे। उसके बाद रात में घर आते थे। व्यस्तता में हमें पता ही नहीं चला कि एक साल कैसे चला गया। मेरी सास बहुत संभालती थी, बेटी की देखभाल में इतना बिजी हो गई कि समय का पता ही नहीं चलता कि कब निकल गया। इसलिए गोविंदा की भी कमी महसूस नहीं होती थी।

  • आखिर लोगों को कैसे पता चला कि आपने गोविंदा से शादी कर ली है?

बिटिया का पहला बर्थडे था, जिसे बड़े भव्य तरीके से मुंबई के फाइव स्टार लीला पेंटा होटल में मनाया था। उस समय इंडस्ट्री में जिनके साथ काम किया था, वे सभी आए थे। उसी टाइम प्रेस कांफ्रेंस रखकर डिक्लेयर कर दिया था कि गोविंदा की शादी हो गई है। अचानक डिक्लेयर किया, तब काफी लोगों को शॉक भी लगा था। लेकिन उससे हमें क्या फर्क पड़ने वाला था। हाेने वाली चीज तो हो ही जाती है न!

  • अच्छा, खबर यह भी चर्चा में रही कि आपने दोबारा शादी की? इसका मुख्य कारण क्या रहा?

हां, शादी की 25वीं सालगिरह पर दोबारा शादी की। हमने जब पहली शादी की थी, वह हमारी सास के बोलने पर गुरू को आगे रखकर घर में ही की थी, क्योंकि किसी को बताना नहीं था। जब हमारी शादी की 25वां सालगिरह थी, तब लंदन में जाकर पूरे विधि-विधान से दोबारा शादी की। वहां पर गोविंदा के माने हुए फैजल भाईसाहब हैं। गोविंदा उनको बड़े भाई मानते हैं। उन्होंने ही हमारी शादी अरेंज करवाई। शादी में बच्चे नहीं गए थे, क्योंकि मां-बाप की शादी बच्चे नहीं देखते हैं, इसलिए बच्चे इधर ही थे। बाकी वहां पर घर-परिवार, नाते-रिश्तेदार शामिल हुए थे।

  • मेहुल कुमार ने कहा था कि गोविंदा ऑल राउंडर हैं, जबकि पहलाज निहलानी ने कहा था कि गोविंदा के मुकाबले एक्टर नहीं है। फिर कहां ऐसी कमी रह गई कि करियर में ठहराव आ गया?

क्या होता है कि उस जमाने में पिक्चर बनाने का ढंग कुछ और होता था, अब कुछ और हो गया है। अभी क्या है कि हमारी इंडस्ट्री में ग्रुपिज्म ज्यादा हो गई है। उस जमाने में ग्रुपिज्म नाम की कोई चीज ही नहीं थी। यह बात सबको पता है कि गोविंदा जैसा लाजवाब एक्टर नहीं है। मेरे हिसाब से तो आज तक देखा नहीं है। अभी सब अपने-अपने ग्रुप में पिक्चर बनाते हैं और लगाते हैं। सब्जेक्ट भी देखिए, पहले जैसे बनते नहीं हैं। अभी सब लड़ाई, मारधाड़ वाली पिक्चरें बनती हैं। इसलिए उन्होंने ब्रेक ले लिया। उन्होंने बोला कि जब तक मुझे अपने पसंद का सब्जेक्ट नहीं मिलेगा, तब तक पिक्चर नहीं करूंगा।

  • इंडस्ट्री में जो ग्रुपिज्म है, उसका असर आने वाली पीढ़ी पर किस तरह से देखती हैं?

देखिए, अभी जिसके पास टैलेंट है, उसे कोई रोक नहीं सकता है। अब नसीब तो कोई किसी का छीन नहीं सकता। नसीब इतनी बड़ी चीज है कि चॉल से निकल कर आज गोविंदा, गोविंदा बन गए हैं। जैकी श्रॉफ, मिथुन चक्रवर्ती ऐसे कितने आर्टिस्ट हैं, जो चॉल से निकलकर एक्टर बन गए। यह सब नसीब की बात है। नसीब जिसका चल पड़े, वह चल जाते हैं। देखिए, कार्तिक आर्यन, आयुष्मान खुराना भी चल ही रहे हैं। इनका कोई फिल्मी बैकग्राउंड नहीं है। ये अपने काम के दम पर चल रहे हैं।

  • बेटे को लांच करने की खबर आई थी, बेटी क्या कर रही है?

इस साल करने के लिए हम सोच रहे हैं, क्योंकि दो साल से तो लॉक डाउन ही लगा हुआ है। इस साल वह तैयार हो गया है। उसने लंदन से डांस, एक्टिंग सब सीख लिया है। यहां आकर एक्सरसाइज, जिम आदि शुरू कर दिया है। उसने कोरियोग्राफर गणेश आचार्य से डांस सीखा है। इस साल उसे लांच करने का विचार है। लेकिन हम अच्छा सब्जेक्ट, अच्छा बैनर और अच्छे लांच का वेट कर रहे हैं। भगवान की दया से इस साल लांच हो जाएगा। वह रोमांटिक-एक्शन फिल्म करना चाहता है, क्योंकि उसे एक्शन फिल्म में ज्यादा इंटरेस्ट है।

मेरी बेटी एक पिक्चर कर चुकी है। उसने दो-तीन एलबम भी किया है। अभी वह गोविंदा की डिजाइनिंग करती है। वह भी लंदन से फैशन डिजाइनिंग सीखकर आई है। गोविंदा शोज और शूटिंग में जितने भी कपड़े पहनते हैं, वह सब बेटी का डिजाइन किया हुआ पहनते हैं। अभी वह अपने पापा के साथ लगी हुई है और फैशन डिजाइनिंग कर रही है।

  • आपने बताया कि गोविंदा बहुत बिजी रहते थे। उस समय बतौर पिता की कमी गोविंदा कैसे पूरा करते थे?

बच्चे थोड़े बड़े हो गए, तब उन्हें आउटडोर शूटिंग पर ले जाती थी। वहां पर जब शूटिंग नहीं करते थे, तब बच्चों के साथ घूमने के लिए टाइम मिल जाता था। हां, आउटडोर जाती थी, पर सेट पर बहुत कम ही जाती थी। कभी उनके काम को डिस्टर्ब नहीं करती थी, इसलिए उनकी शूटिंग बहुत कम ही देखा है। मेरा बेटा तीन महीने का था, तब स्विट्जर लैंड में पहली बार शूटिंग अटेंड की थी। वह हीरो नं.1 का सोना कितना सोना है… गाना था। हम पिकनिक कभी नहीं गए। इन्होंने 170 पिक्चर किया है। हम जब जाते थे, तब आउटडोर शूटिंग पर बच्चों को लेकर जाती थी। वहां शॉपिंग वगैरह करती थी।

  • उस जमाने में गॉसिपबाजी भी खूब होती थी। पहली बार गोविंदा के बारे में गॉसिप कब और क्या पढ़ने-सुनने को मिला?

देखिए, मैं इन सब चीज में विश्वास ही नहीं करती हूं। जब आपको पता है कि इंसान से भरोसे पर शादी किया है। हर हीरो की बीवी को दिल पत्थर का रखना पड़ता है वरना शादी करके कुछ फायदा नहीं। गॉसिप के चक्कर में अपना घर बर्बाद करें, मैं ऐसी औरत में से नहीं हूं। हीरो लोगों को गॉसिप नहीं आएगा, तब किसका गॉसिप आएगा! गोविंदा के साथ जब कभी किसी का गॉसिप आया होगा, मुझे किसी पर विश्वास ही नहीं था। इस तरह का गॉसिप जिस किसी पेपर या मैग्जीन आता है, उस पर मुझे विश्वास नहीं। आदमी दिन भर काम करके घर ही आएगा, आखिर जाएगा कहां!

  • गोविंदा की एक बात, जो शुरू से लेकर आज तक नहीं बदली हो, वह क्या है?

गोविंदा जब मुझे अफेयर के समय मिले थे, आज भी वे वैसे ही हैं। उनमें कोई बदलाव ही नहीं आया है। आज इनको अपनी मम्मी, बच्चे, मैं और पूरी फैमिली बहुत इंपोर्टेंट है। लाइफ में उतार-चढ़ाव जो भी आए, उसमें न तो मैं हिली और न ही गोविंदा हिले।

  • अच्छा, उतार-चढ़ाव सबकी जिंदगी जिदंगी में आता है, पर इसको हैंडिल कैसे किया?

यह समय सबको आता है। हम कोई भगवान थोड़े न हैं कि हर समय रॉक स्टार बनाकर रखेगा। सबको समय देना भी चाहिए। सबका एक ही समय रहेगा, ऐसा भगवान ने थोड़े न लिखा है। सबने डाउन फॉल देखा है। वह अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, सलमान खान हों। यह उतार-चढ़ाव सबने देखा है। हम पर अच्छा टाइम आता है, तब हंसकर निकाल देते हैं और बुरा टाइम आता है, तब भी हंसकर निकाल देते हैं। यह डिप्रेशन नाम का शब्द तो हमारी फैमिली नहीं है।

  • माफ कीजिएगा, यह अफवाहें भी आई थीं कि उतार वाले दिनों में गोविंदा काफी तंत्र-मंत्र करते थे! इस पर क्या कहेंगी?

नहीं-नहीं, यह सब किसी और ने फैलाया है। इन सब चीजों में हमें तो बिल्कुल विश्वास नहीं है। हम पूजा-पाठ करने वाले लोग हैं। तंत्र-मंत्र पर हमें एक कौड़ी का विश्वास नहीं होता है और न ही हमारी फैमिली में किसी को होता है। जिसको जो लिखना है, जिसके बोलने पर लोग लिखते हैं, मुझे समझ में नहीं आता, उन्हीं लोग करते होंगे। हमारी फैमिली में यह सब नहीं चलता है, हम पूजा-पाठी लोग हैं। इंडस्ट्री में होते हैं न नाम खराब करने के लिए; कि गोविंदा का नाम खराब कर दो भैया, यह सेट पर आता है, तब ऐसा करता है, वैसा करता है। जो लोग जलते हैं, यह सब काम वही लोग करते हैं। जिनको अपने आप पर कांफिडेंस नहीं है, वही लोग यह सब बकवास करते हैं। हम तो इन सब में से नहीं हैं।

  • आखिर यह लोग कौन हैं, इन खबरों पर कभी संज्ञान नहीं लिया?

अभी कौन हैं, हमको भी नहीं मालूम न कि कौन हैं। जिसको जो बोलना है, बोले। देखिए, सबका मुंह है, हम तो रोक नहीं सकते। दस लोगों ने बोला है, तब उनका मुंह थोड़े न बंद कर सकते हैं। यह स्वतंत्र देश है, जिसको बकवास करना है करे। हमको पता है कि हम काम के प्रति कितने लॉयल हैं। अगर जिंदगी भर यही करते रहते, तब काम कब करते? फिर तो जिंदगी इसी में चली जाती। देखिए, बकवास करने वाले करते हैं, हम लोग अपना मुंह क्यों खराब करें। यह सब हमारा संस्कार ही नहीं है। वह बोले, हम बोलें, फिर वह बोले और हम बोलें… इसमें थोड़े न समय बर्बाद करना है।

  • अच्छा, कभी गोविंदा को सरप्राइज दिया हो, उनका यादगार बर्थडे मनाया हो या पार्टी दी हो, ऐसी यादगार बात क्या रही?

कई साल बाद हमने लास्ट ईयर ही इनको बर्थडे सरप्राइज पार्टी दिया था, तब अपने बंगले पर शक्ति कपूर, इनके डांस मास्टर गणेश आचार्य, रवि किशन, राजपाल यादव, उदित नारायण, अलका याज्ञनिक आदि अपने ग्रुप के लोगों को बुलाया था। गोविंदा को पता नहीं था कि हमने सरप्राइज पार्टी रखा है। उनको एक दिन के लिए होटल में शिफ्ट कर दिया था। बंगला सजाकर इनको बुलाया, तब खुश हो गए। यह प्लान मैं और बच्चों ने मिलकर बनाया था, क्योंकि इनको अपना जन्मदिन मनाने का शौक नहीं है। यह अपना पूजा-पाठ, दान-धर्म करते हैं। सुबह इनके हाथ से अनाज, मिठाई आदि दान करवाती हूं। यह पूजा-पाठ, हवन करते हैं, उसके बाद अरदास करने के लिए गुरुद्वारा जाते हैं। इन्हीं चीजों में सुकून मिलता है। घर-परिवार के लोग और काफी फैंस भी आते हैं। हमारी मदर-इन-लॉ को भी पसंद नहीं था कि बर्थडे मनाया जाए। गोविंदा अपनी मां का हर जन्मदिन पर पैर धोकर पीते थे, यह तो मैंने अपनी आंख से देखा है। अभी मैं एक टेलीविजन शो पर गई थी। मैंने उधर बोल भी दिया था कि अगले जन्म में मुझे आप पति के रूप में नहीं, बल्कि बेटे के रूप में पैदा होना मेरे पेट से, क्योंकि गोविंदा जैसा बेटा इस कलयुग में शायद किसी का नहीं होगा।

  • बेटी टीना का बर्थडे भी 16 जुलाई को है। वह कैसे मनाती हैं?

वह अपने बर्थडे पर हर साल अमृतसर, गोल्डन टेंपल दर्शन करने जाती है, क्योंकि गुरुनानक बाबा को बहुत मानती है। वहां पर पूजा-पाठ करती है। तीन वर्षों से लगातार जा रही है। इस बार भी जाने का प्लान बना रही है। देखते हैं, माहौल कैसा रहता है। वह अकेले जाती है, वहां उसके फ्रेंड्स लोग हैं। उनसे मिलकर उसे अच्छा लगता है। मेरे बच्चों को पार्टी-वार्टी करने का शौक नहीं है। हमने इनको एक संस्कार दिया है, जितना हो सके, उतना पूजा-पाठ, धर्म-पुण्य का काम करो। गोविंदा ने कितना पूजा-पाठ, धर्म किया, इसलिए चॉल से निकलकर आज गोविंदा बना है।

  • अच्छा, बर्थडे की तरह कभी वैलेंटाइन डे मनाया हो और आपको गोविंदा ने पार्टी वगैरह दी हो, वह मौका कौन-सा रहा?

नहीं-नहीं, कभी वैलेंटाइन डे नहीं मनाया। वैलेंटाइन डे हो, हमारा बर्थडे हो, एनवर्सरी हो या कोई भी खास मौका हो, हम अपने घर में डिनर मंगवाते हैं और हस्बैंड, बच्चों के साथ बैठकर खाते हैं। कहीं बाहर आना-जाना नहीं होता है।

  • इन मौकों पर कोई स्पेशल गिफ्ट मिला हो, तब क्या है?

उन्होंने जिंदगी-भर गिफ्ट दिया है। अब स्पेशल गिफ्ट क्या होता है, यह मेरे समझ में नहीं आ रहा है। सबसे बड़े गिफ्ट तो मेरे दोनों बच्चे हैं, जो उन्होंने दिया। बाकी चीजों का मेरे लिए कोई मोल नहीं है। दोनों बच्चे अच्छे-भले और स्वस्थ हैं। मेरे लिए वही बहुत बड़ा गिफ्ट है। आजकल तो ऐसा हो गया कि सबका शरीर ठीक रहे, वह सबसे बड़ा गिफ्ट है। यह कोरोना का जो दौर चल रहा है, उसमें भगवान से यही मनाती हूं कि इसमें कुछ मिले या न मिले, पर इसमें सबका स्वास्थ्य ठीक रहे।

  • अच्छा, इंडस्ट्री में सबसे करीबी दोस्तों में कौन-कौन हैं?

शक्ति कपूर, राजपाल यादव, रवि किशन, अल्का याज्ञनिक, उदित नारायण… इंडस्ट्री में यही हमारे करीबी हैं।

  • इन दिनों गोविंदा सहित आपका सबका खान-पान और व्यायाम को लेकर दिनचर्या कैसी होती है?

हमारे घर में सभी सुबह 5.30 बजे उठते हैं। सुबह उठकर योग, प्राणायाम, वॉक, व्यायाम करते हैं। व्यायाम तो घर में हम सभी करते हैं। कोरोना का दौर चल रहा है, तब आयुर्वेदिक दवाइयां खाते हैं। समय पर खाना-सोना होता है। कभी लेट नाइट करते नहीं हैं। हमारा खाना एकदम सिंपल होता है। हमारे घर में सबसे ज्यादा भिंडी, पालक पनीर, तुअर की दाल, रोटी, चावल यही सब खाते हैं। गोविंदा को भिंडी की सब्जी, पालक पनीर और तुअर की दाल दे दो, उनके लिए बहुत हो गया। आधी रोटी खाएंगे, थोड़ा-सा राइस और ग्रीन सलाद और प्राउड सलाद खा लेंगे। उनको यही सब पसंद है।

  • अच्छा, अब तक कोई ऐसा हार्ड कोर फैंस से मुलाकात हुई हो। खासकर ऐसे जिससे पीछा छुड़ाना मुश्किल रहा हो?

बहुत पहले की बात है, हमारी शादी हो गई थी। एक बहुत बड़े घर की लड़की थी। उसने बोला कि मैं सर्वेंट हूं। ऐसा बोलकर वह हमारे घर में नौकरानी बनकर काम कर रही थी। उसे बर्तन साफ करने के लिए रखा था, पर उस बेचारी को काम करना आता ही नहीं था। उसका काम देखकर मेरी सास ने पूछा कि तुम तो काम ही नहीं कर पाती हो। वह इतने बड़े घर की लड़की थी, क्या काम करेगी। वह गोविंदा की इतनी बड़ी फैन थी कि उसको लगा कि ऐसा करूंगी, तब मुझसे शादी कर लेंगे। खैर, एक सप्ताह में ही उसकी पोल तब खुल गई, जब वह अपने डैडी से फोन पर बात कर रही थी और उसे बात करते हुए हमने सुन लिया। फिर तो उसके डैडी को बुलाकर उसे वापस उसके घर भेजा। उसके डैडी के पास चार-पांच गाड़ियां थीं। बहुत अमीर घर की लड़की थी। ऐसे-ऐसे भी फैन होते हैं।

  • एक कैरेक्टर से दूसरे और दूसरे से तीसरे कैरेक्टर में रहते थे। कभी कोई कैरेक्टर घर तक आया हो, ऐसा कभी हुआ क्या?

नहीं, कभी कैरेक्टर घर तक नहीं लाए। हम घर पर शूटिंग वगैरह की बात भी नहीं करते। घर-परिवार के टाइम में कभी काम की बात नहीं करते। यह अच्छी बात भी नहीं है। हमेशा काम अपनी और घर अपनी जगह रखते थे।

  • इन दिनों क्या कुछ करने की तैयारी में हैं?

अभी ओटीटी प्लेटफॉर्म से काफी ऑफर आ रहे हैं। इनको जो पसंद आएगा, वह करेंगे। करने के लिए पसंदीदा सब्जेक्ट भी मिलना चाहिए। बातचीत चल रही है, जैसे पसंद आ जाएगा, कर लेंगे। इनको कॉमेडी करने का शौक है, ऐसे में कोई कॉमेडी सब्जेक्ट मिले या फिर कोई एक्शन फिल्में मिले। अच्छा सब्जेक्ट आएगा, उस पर काम शुरू कर देंगे। देखिए, बड़े स्क्रीन से छोटे स्क्रीन पर जाना है, तब सब्जेक्ट अच्छा होना चाहिए। गोविंदा कभी काम करने से पीछे हटते नहीं हैं, उन्हे काम करने का बहुत शौक है।

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