‘भुज’: अजय देवगन की ‘भुज: प्राइड ऑफ इंडिया’ पर रोजाना खर्च हुए 50 लाख रुपए, एक्‍शन सीक्वेंस रहे अहम वजह

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मुंबईएक घंटा पहलेलेखक: अमित कर्ण

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इस स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर रिलीज होने जा रही अजय देगवन की ‘भुज: प्राइड ऑफ इंडिया’ के एक्‍शन सीक्वेंस पर बेशुमार रकम खर्च की गई है। फिल्‍म से जुड़े सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है। उन्‍होंने बताया, “फिल्‍म में आर्मी और एयरफोर्स के एक्‍शन सीक्वेंस हैं। उन्‍हें ऑथेंटिक और असरदार दिखाने के लिए भारी भरकम बजट इनवेस्‍ट किया गया है। दरअसल, 1971 के समय आर्मी के पास हथियार कम होते थे। उनकी ट्रेनिंग भी ऐसी होती थी कि उन्‍हें हथियारों का कम और दिमाग का इस्‍तेमाल ज्‍यादा करना है। इसे दर्शाने के लिए एक्‍शन सीक्वेंस में ज्‍यादा रकम खर्च हुई है।”

ब्रिज तोड़ने वाले सीन के लिए 60 हजार लीटर पानी का किया इस्तेमाल
अजय देवगन के करीबियों ने कहा, “मिसाल के तौर पर फिल्‍म में ब्रिज तोड़ने वाला सीन फिल्‍माया गया है। उसे पहले भुज में शूट किया गया था, मगर एडिट टेबल पर वह प्रभावी नजर नहीं आया। VFX टीम ने भी कहा कि उसमें रोमांच की अनुभूति नहीं हो रही। VFX करने के लिए भी असल इम्‍पैक्‍ट को और सपोर्ट चाहिए। ऐसे में वह सीन रामोजी फिल्‍मसिटी में रीशूट हुआ। उस ब्रिज को इंडियन आर्मी बम के धमाकों से नहीं उड़ाती, बल्‍क‍ि पानी में उठे ज्‍वारभाठे का इस्‍तेमाल करती है। पानी के उस फोर्स यानी दबाव को दिखाने के लिए रामोजी फिल्‍मसिटी में 60 हजार लीटर पानी को इकट्ठा कर उसकी लहर से ब्रिज उड़ाने का सीन फिल्‍माया गया।”

एक सीन में 100 किलो सूखी मिर्च का यूज किया गया है
प्रोडक्‍शन टीम से एक मेंबर ने कहा, “ठीक इसी तरह एक सीन में अजय देवगन के किरदार को पता चलता है कि पाकिस्‍तान पार से हथियारों की तस्‍करी मिर्च की बोरियों में हो रही है। उसे रोकने अजय देवगन का किरदार अकेले वहां पहुंचता है। उस सीन को मुंबई में फिल्‍माया गया। एक गोदामनुमा कमरा तैयार किया गया। 100 किलो सूखी मिर्च के ढेर फर्श पर फैलाए गए। अजय देवगन उन पर चलते हुए कमरे में तस्‍करों से लोहा लेते हैं। उस सीन में सूखी मिर्च पर उनके पांव पड़ते हैं और मिर्च का पाउडर उड़ता रहता है। अजय देवगन ने आंखों में जलन होने के बावजूद भी इस सीन को फिल्माया है।”

इंडियन आर्मी से भी फिल्‍म के निर्माताओं को मिली मदद
इंडियन आर्मी से भी फिल्‍म के निर्माताओं को मदद मिली। असल टैंक और बाकी असलहे मेकर्स को दिए गए। फाइटर प्‍लेन का एक्‍सटीरियर यूज करने को दिया गया। आर्ट डायरेक्‍शन की टीम ने फिर खुद ही फाइटर प्‍लेन तैयार किए। उसमें डेढ़ से दो करोड़ रुपए खर्च हुए। 1800 पाकिस्‍तानी सेना के हमले के लिए 300 जूनियर आर्टिस्‍टों को ऑन बोर्ड लिया गया। VFX की मदद से उसे 1800 दिखाया जा रहा है। इस तरह के ढेर सारे सीन पूरी फिल्‍म में हैं। मेकर्स का इन सब कारणों से ही रोजाना 50 लाख रुपए शूट पर खर्च हुआ है। कुल 100 से ज्‍यादा दिनों की शूटिंग हुई।

फिल्‍म में नोरा फतेही भी अहम रोल में आएंगी नजर
फिल्‍म में नोरा फतेही को सिर्फ डांस नंबर के लिए हायर नहीं किया गया है, उनका अहम रोल भी है। नोरा भी फिल्म में इंडियन आर्मी को रिप्रेजेंट करती हैं। पाक अफसर को हनी ट्रैप में फंसाती हैं। फर्स्ट हाफ में उनका रोल है। सेकेंड हाफ से सोनाक्षी सिन्‍हा फिल्‍म में आती हैं। अजय देवगन के किरदार को रनवे बनवाने में मदद करती हैं। शरद केलकर ने ‘तान्‍हाजी’ में शिवाजी का रोल किया था। यहां वो आर्मी अफसर नायक के रोल में हैं। संजय दत्‍त की भूमिका बड़ी रोचक है। उनके किरदार को पाकिस्‍तानी सेना का हर मूव पता होता है। पाक अफसर के रोल में फिल्‍म के डायरेक्‍टर अभ‍िषेक दुधइया के साथ काम कर चुके असिस्‍टेंट को कास्‍ट किया गया है।

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