संसद के सामने ब्लिंकन की पेशी: सीनेटर ने पूछा- काबुल ड्रोन हमले में मारा गया व्यक्ति आतंकी था या एड वर्कर; विदेश मंत्री का जवाब- मुझे नहीं पता

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वॉशिंगटन24 मिनट पहले

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15 अगस्त को तालिबान ने काबुल पर कब्जा किया। 26 अगस्त को काबुल के हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फिदायीन हमला हुआ। 170 लोग मारे गए। 29 अगस्त अमेरिका ने हामिद करजई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब पांच किलोमीटर दूर एक घर को निशाना बनाया। 6 बच्चों समेत 10 लोग मारे गए। अमेरिकी दावा था कि एक फिदायीन हमले को नाकाम किया गया।

अब इस हमले पर अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन जवाब नहीं दे पा रहे हैं। मंगलवार रात सीनेट में सुनवाई के दौरान सीनेटर रैंड पॉल ने ब्लिंकन से पूछा- काबुल हमले में मारा गया व्यक्ति आतंकी था या एड वर्कर? फॉरेन सेक्रेटरी का जवाब था- हमले की समीक्षा कर रहे हैं। फिलहाल, मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। इसके बाद पॉल ने बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन के फॉरेन सेक्रेटरी को कड़ी फटकार लगाई।

ब्लिंकन के पास जवाब ही नहीं
सीनेटर पॉल ने ब्लिंकन से पूछा- काबुल ड्रोन स्ट्राइक में मारा गया व्यक्ति ISIS-K का आतंकी था या सहायताकर्मी? जवाब मिला- बाइडेन एडमिनिस्ट्रेशन इसकी समीक्षा कर रही है। फिलहाल, कुछ नहीं कह सकता। पॉल ने फिर पूछा- जो बात हमले के पहले सोची जानी चाहिए थी, वो अब क्यों सोच रहे हैं? इस पर ब्लिंकन चुप हो गए। पॉल केंटुकी से रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर हैं।
ब्लिंकन से खफा पॉल ने कहा- आप कुछ जानते नहीं हैं, या हमें बताना नहीं चाहते। क्या ये पता करना जरूरी नहीं था कि आप जिसे प्रिडेटर ड्रोन से निशाना बनाने जा रहे हैं वो आतंकी है या एड वर्कर।

CNN द्वारा जारी फोटो में नजर आ रहा शख्स जेमारी अहमदी है। यह एक NGO में एड वर्कर था। इसे ही टारगेट करके 29 अगस्त को काबुल में ड्रोन अटैक किया गया था। अब अमेरिकी मीडिया ने ही अपनी सरकार का झूठ उजागर कर दिया है। हालांकि, पेंटागन ने अहमदी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।

CNN द्वारा जारी फोटो में नजर आ रहा शख्स जेमारी अहमदी है। यह एक NGO में एड वर्कर था। इसे ही टारगेट करके 29 अगस्त को काबुल में ड्रोन अटैक किया गया था। अब अमेरिकी मीडिया ने ही अपनी सरकार का झूठ उजागर कर दिया है। हालांकि, पेंटागन ने अहमदी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।

ऐसे तो आतंकी पैदा होंगे
सीनेटर ने टॉप डिप्लोमैट से आगे कहा- इस तरह के हमले का उल्टा असर भी हो सकता है। अगर आप बेकसूर लोगों को मारेंगे तो इससे ज्यादा लोग आतंकवादी बनेंगे। मैं नहीं जानता कि सच क्या है, लेकिन खूबसूरत और मासूम बच्चे कैसे मारे गए? लेकिन, अगर निर्दोष लोग और बच्चे मारे गए हैं तो यकीन जानिए आप हजारों लोगों को आतंकी बनाने का रास्ता खोल रहे हैं। हमले के बाद जांच क्यों कर रहे हैं? ये काम पहले क्यों नहीं किया गया?

लाखों डॉलर के इक्युपमेंट क्यों छोड़े
डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी के सीनेटर पॉल यहीं नहीं रुके। उन्होंने ब्लिंकन की जमकर क्लास ली। पूछा- बगराम एयरबेस खाली करने की प्लानिंग कैसे तैयार की गई? ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर, बख्तरबंद गाड़ियां तालिबान के हाथ कैसे लगीं? आज उनके पास 80 बिलियन डॉलर के हथियार हैं। तीन लाख से ज्यादा ऑटोमैटिक वेपन्स हैं। आपको क्या लगता है, हम सहायता भेजते रहेंगे और वो इसका गलत फायदा नहीं उठाएंगे। इससे बेहतर होता कि आप उस एयरबेस को ही उड़ा देते। इसमें बस 20 मिनट ज्यादा लगते। और आप खुद को ताकतवर बताते हैं।

2 हफ्ते बाद बवाल क्यों
CNN और न्यूयॉर्क टाइम्स ने पिछले दिनों इस ड्रोन हमले पर दो अलग-अलग रिपोर्ट पब्लिश कीं। दोनों में कहा गया कि हमले में जिस व्यक्ति को टारगेट किया गया था, उसका नाम जेमारी अहमदी था। अहमदी एक एनजीओ वर्कर था। यह एनजीओ अमेरिका द्वारा भेजी गई सहायता को आम लोगों तक पहुंचाती है। हमले में अहमदी की फैमिली के 6 बच्चों समेत कुल 10 लोग मारे गए। पेंटागन ने तो इस मामले पर चुप्पी साध रखी है।

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