सिंघु बॉर्डर पर किसान NH की एक साइड खाली करेंगे: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सोनीपत डीसी के अनुरोध को किसानों ने स्वीकारा; आंदोलन के 9 महीने बाद पड़े नरम, विज ने आंदोलन को बताया गदर

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करनाल7 मिनट पहले

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प्रशासन के साथ वार्ता करते हुए किसान प्रतिनिधि।

करनाल के बाद दिल्ली सिंघु बार्डर पर भी किसानों ने अपना रवैया नरम कर दिया है। किसान आंदोलन के 9 महीने बाद अब प्रशासन के आग्रह पर NH-44 काे एक साइड से खोलने को तैयार हो गए हैं। ऐसी चर्चा है कि इस सफलता का दरवाजा भी करनाल से ही खुला है।

जनहित याचिका पर एक साइड से रास्ता खुलवाने के सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद सोनीपत उपायुक्त ललित सिवाच मंगलवार को कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर किसानों के सामने पहुंचे। उन्होंने किसानों से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अनुपालना व जनहित के लिए सहयोग करने की अपील की। साथ ही आम लोगों को हो रही समस्या को दूर करने के लिए जीटी रोड के एकतरफा मार्ग पर लोगों को आवाजाही के लिए रास्ता देने के लिए कहा। उनके आग्रह पर किसान प्रतिनिधियों ने सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया।

लघु सचिवालय में मंगलवार को उपायुक्त ललित सिवाच की अध्यक्षता में जिला और पुलिस प्रशासन के साथ किसान प्रतिनिधियों की बैठक हुई। उपायुक्त ने बताया कि याचिकाकर्ता मोनिका अग्रवाल की जनहित याचिका (सिविल)नंबर-249/2021 पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि जनहित में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-44 पर कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर धरनारत किसानों से एक तरफ के मार्ग पर आम लोगों को रास्ता दिलाया जाए।

सिंघु बार्डर पर किसान पिछले 9 महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।

सिंघु बार्डर पर किसान पिछले 9 महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।

दिल्ली की ओर से दीवार को बताया प्रमुख समस्या
उपायुक्त के निवेदन पर किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि वे सकारात्मक विचार करेंगे। इसके लिए वे संयुक्त किसान मोर्चा के अन्य प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जल्द प्रशासन को सूचित करेंगे। साथ ही कुछ किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि एक ओर का मार्ग छोड़ने की स्थिति में उन्हें वैकल्पिक जगह उपलब्ध करवाई जाए। किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि दिल्ली की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग का बंद किया जाना और दीवार खड़ी करना प्रमुख समस्या है। बैठक में पुलिस अधीक्षक जशनदीप सिंह रंधावा, डीएसपी वीरेंद्र सिंह, डीएसपी सतीश कुमार और भारत किसान यूनियन दोआबा के प्रधान मंजीत सिंह, कुलदीप सिंह, जगवीर सिंह चौहान, बलवंत सिंह, मेजर सिंह पूनावाल, मुकेश चंद्र, गुरुप्रीत, जोगेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, कुलप्रीत सिंह, बलवान सिंह, करतार सिंह, सुभाषचंद्र सोमरा, सतनाम सिंह, विक्रमजीत सिंह समेत अन्य किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।

सैंकड़ों किसान सिंघु बॉर्डर पर टेंट लगाकर कृषि कानूनों के खिलाफ धरना दे रहे हैं।

सैंकड़ों किसान सिंघु बॉर्डर पर टेंट लगाकर कृषि कानूनों के खिलाफ धरना दे रहे हैं।

आंदोलन नहीं रहा, अब गदर हो गया है : अनिल विज
हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने किसान आंदोलन के संबंध में बड़ा बयान दिया है। विज ने कहा कि ये अब आंदोलन नहीं रह गया है। आंदोलन में लोग लाठियां लेकर नहीं आते हैं, आंदोलन में लोग रास्ता नहीं रोकते हैं, आंदोलन में लोग तलवारें लेकर नहीं आते हैं। इसे आंदोलन की बजाय गदर या फिर और शब्द कह सकते हैं, लेकिन इसको आंदोलन नहीं कह सकते। गृहमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में 15 तारीख को बैठक होगी, उसमें अगली रुपरेखा तैयार की जाएगी।

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